लोक संस्कृति की बयार: ‘श्री दाई के दुलरवा नवरत्न जस झांकी परिवार’ का भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शेड्यूल जारी, अक्टूबर से जनवरी तक गूंजेंगे जस गीत
डोंगरगढ़ / छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और माता की भक्ति को घर-घर तक पहुंचाने वाले प्रसिद्ध ‘श्री दाई के दुलरवा नवरत्न जस झांकी परिवार’ (ग्राम पटपर, डोंगरगढ़) का आगामी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू बिखेरने वाली यह सांस्कृतिक यात्रा अक्टूबर 2026 से शुरू होकर जनवरी 2027 तक अनवरत जारी रहेगी।
अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक का मुख्य कार्यक्रम विवरण:
अक्टूबर 2026 की प्रमुख प्रस्तुतियां:
कार्यक्रम की शुरुआत 01 अक्टूबर को नेवईभाठा (भिलाई) से होगी। इसके बाद 02 अक्टूबर को सेलूद (उतई), 06 अक्टूबर को चारामा (कांकेर), 07 अक्टूबर को अहिवारा, 08 अक्टूबर को भिलाई-3, 10 अक्टूबर को डेंगरापार (अर्जुदा), 11 अक्टूबर को नरहरपुर (कांकेर), 12 अक्टूबर को भैंसबोड कुम्हली (दुर्ग), 13 अक्टूबर को हाटकोंदल (कांकेर), 14 अक्टूबर को लाफिंग (महासमुंद), 15 अक्टूबर को सेम्हरा सिहावा, 16 अक्टूबर को अमलेश्वर, 17 अक्टूबर को गुजरा (रायपुर), 18 अक्टूबर को उपरवारा, 19 अक्टूबर को धानापुरी (गुरूर), 20 अक्टूबर को सिदावंड (केशकाल), 21 अक्टूबर को दल्लीराजहरा, 22 अक्टूबर को करहीभदर, 23 अक्टूबर को धौराभाठा (पलारी), 24 अक्टूबर को चरोदा (भिलाई), 25 अक्टूबर को गंडई, 26 अक्टूबर को बेलर (फिंगेश्वर), 27 अक्टूबर को महावीरनगर रायपुर, 28 अक्टूबर को माना बस्ती रायपुर, 29 अक्टूबर को नरहरदेव मैदान कांकेर, 30 अक्टूबर को साल्हेटोला (दुधावा) और 31 अक्टूबर को कोकपुर (कांकेर) में झांकी सजेगी।
नवंबर 2026 के कार्यक्रम:
01 नवंबर को कोपरा (राजिम), 02 नवंबर को खड़गांव (मोहला), 03 नवंबर को गोल कुम्हड़ा (कांकेर), 04 नवंबर को गुदगुदा (धमतरी), 05 नवंबर को रुसे (खैरागढ़), 07 नवंबर को बालसमुद (बेमेतरा), 12 नवंबर को सिलहाटी (कवर्धा), 13 नवंबर को उदयपुर (बाजार अतरिया), 14 नवंबर को सिंगारपुर (अर्जुदा), 15 नवंबर को कातुलवाही, 16 नवंबर को घीना (अर्जुदा), 17 नवंबर को मरकाटोला (कांकेर), 18 नवंबर को छुरा (गरियाबंद), 20 नवंबर को सांकरा (नगरी), 21 नवंबर को शिवनी (बालोद), 22 नवंबर को भानबेड़ा (कांकेर), 23 नवंबर को डोंडरा (अभनपुर), 24 नवंबर को भैंसमुंडा (छुरा), 25 नवंबर को श्याम नगर रायपुर, 26 नवंबर को बिरकोनी (महासमुंद), 27 नवंबर को देवारभाठा (बालोद), 28 नवंबर को बासकोट (विश्रामपुरी), 29 नवंबर को भानुप्रतापपुर और 30 नवंबर को शिवनी (रायपुर) में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
दिसंबर 2026 के कार्यक्रम:
11 दिसंबर को सिंदीबोरी (महाराष्ट्र), 17 दिसंबर को बिछिया (बसना), 19 दिसंबर को भानुप्रतापपुर, 20 दिसंबर को ठाकुरदिया खुर्द (पिथौरा), 25 दिसंबर को बकमा (महासमुंद), 26 दिसंबर को पतोरा (उतई), 27 दिसंबर को बेलतरा (धानखम्हरिया) और 31 दिसंबर को तेंदुकोना में प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
जनवरी 2027 के कार्यक्रम:
नया साल 2027 की शुरुआत 01 जनवरी को नवागांवकला (पिथौरा) से होगी। इसके बाद 02 जनवरी को कुंवरगढ़ (रायपुर), 03 जनवरी को पेंड़ावन (विश्रामपुरी), 04 जनवरी को छपोरा (महासमुंद), 05 जनवरी को अमलोर (महासमुंद), 10 जनवरी को बड़े खोरपा (अभनपुर), 17 जनवरी को नंदिनी खूंदनी, 20 जनवरी को लोहतरा (कांकेर), 21 जनवरी को परपोड़ी (धमधा), 22 जनवरी को साल्हेवारा (मध्यप्रदेश), 24 जनवरी को खाले मुरवकेंड (कोंडागांव) और 26 जनवरी को कुरुद (शिल्यारी) में समापन कार्यक्रम संपन्न होगा।
संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम:
‘हमर छत्तीसगढ़, हमर गौरव’ के संदेश के साथ आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में जस गीत, पारंपरिक नृत्य और लोक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, मैनेजर अवध साहू और संचालक टुम्मन मंडावी ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों और धर्मप्रेमियों से इन आयोजनों में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। दर्शक यूट्यूब चैनल ‘jas jhanki lover’ के माध्यम से भी इन कार्यक्रमों के अपडेट्स देख सकते हैं।




