
बालोद:
छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के एक सार्वजनिक स्थान पर भारतीय डाक विभाग की लाल डाक पेटी को सीधे तौर पर बिजली के पोल और विद्युत व्यवस्था से जुड़े खंभे पर लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी पोल के आसपास बिजली के नंगे और उलझे हुए तार भी बड़ी संख्या में बिखरे हुए नजर आ रहे हैं।

तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही यह स्थिति किसी बड़े हादसे को खुला न्योता दे रही है। शहर के व्यस्त इलाकों में इस तरह की लापरवाही सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा:
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में बारिश का मौसम है और ऐसे में विद्युत रिसाव या किसी तकनीकी खराबी की वजह से पोल में करंट उतरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पत्र डालने आने वाले आम लोग, बच्चे या राहगीर इस गंभीर खतरे की चपेट में आ सकते हैं। बावजूद इसके, अब तक डाक विभाग या विद्युत विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस खतरनाक स्थिति पर नहीं पड़ी है, जो प्रशासनिक सुस्ती को बयां करता है।

शासन-प्रशासन की चुप्पी पर सवाल:
जनता की सुरक्षा से जुड़ा यह बेहद संवेदनशील मामला है। लोगों का सवाल है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है? यदि नियमों के विपरीत जाकर बिजली के पोल पर डाक पेटी लगाई गई है, तो इसके लिए आखिर कौन दोषी है?
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और डाक विभाग से मांग की है कि वे तत्काल इस मामले का संज्ञान लें, मौके का निरीक्षण कर डाक पेटी को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें तथा आसपास बिखरे विद्युत तारों को व्यवस्थित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।




