
विस्तृत समाचार:
रायपुर:
राजधानी रायपुर के चर्चित ‘हाईवे किंग होटल’ में शाकाहारी भोजन की जगह कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह विवाद केवल एक उपभोक्ता शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है।

क्या है पूरा मामला?
बीती 15 अगस्त को हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया था कि उन्होंने होटल में शुद्ध शाकाहारी (वेज) भोजन का ऑर्डर दिया था, लेकिन इसके विपरीत उन्हें नॉनवेज परोस दिया गया। महिला ने इसे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
मामले के तूल पकड़ने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई करते हुए होटल के किचन को सील कर दिया था। हालांकि, होटल प्रबंधन ने इसे मानवीय भूल बताते हुए खेद भी व्यक्त किया था।

सबसे बड़ा सवाल—सील के बाद भी होटल कैसे खुला?
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब खाद्य विभाग द्वारा होटल के किचन को सील किया गया था, तो फिर अगले ही दिन से होटल का संचालन दोबारा कैसे शुरू हो गया? क्या सील हटाने की कोई विधिवत अनुमति ली गई थी? यदि नहीं, तो क्या विभागीय कार्रवाई महज एक दिखावा थी? इन सवालों के चलते स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
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सांसद और स्वास्थ्य मंत्री के कड़े तेवर:
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आम जनता के भोजन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे मामलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
इन अहम सवालों के जवाब का इंतजार:
क्या होटल का किचन वास्तव में सील किया गया था?
यदि हाँ, तो सील हटाने का आदेश किसने और किस आधार पर दिया?
क्या होटल को दोबारा संचालित करने की कोई आधिकारिक अनुमति मिली थी?
नियमों की अनदेखी करने पर जिम्मेदार अधिकारियों और होटल प्रबंधन पर क्या कार्रवाई होगी?




